Follow my blog with Bloglovin
Sunday , 25 August 2019
Breaking News

Category Archives: Poetry

Roti Rahi Chudiya (रोती रही चूड़ियाँ)

टप टप आंसू गिरे, टूट कर धरा पे गिरे अब क्या बताऊ, रात भर रोती रही चूड़ियाँ इधर उधर भागे, बड़ी बेचैन सी लागे अब क्या बताऊ, रात भर सोती नही चूड़ियाँ मन रोये बिलखे, सिसक सिसक कर आंसू छलके अब क्या बताऊ, रात भर कुछ कहती रही चूड़ियाँ खनक ना तो छोड़ दिया, वैराग्य मन में धर लिया अब ... Read More »

Betiya To Betiya he ( बेटियाँ तो बेटियाँ है )

बेटियाँ  तो  बेटियाँ  है  कच्ची  कच्ची  मटकियाँ    टूट  जायेगी  एक  दिन  दिल  अगर  जो  उनको  तोडा  है    बिटियाँ  रानी  नदी  सुहानी  मीठे  पानी  की  गंगा  है  छोड़  बाबुल  की  बगियाँ  उसे  पिया  संग  होना  है    राखी  का  अटूट  रिश्ता  है  बेटियाँ  लक्ष्मी,  दुर्गा,सरश्वती  है  बेटियाँ  मन  की  डगरी  सुनी  हो  जाती  है  जब  छोड़  के  जाती  है  बेटियाँ  ... Read More »

Inshan Rahne Do ( इंसान रहने दो )

कहते  है  आज  हम  उन  भष्ट  नेताओं  से ना  बनाओं  हमें  जालिम  हमें  इंसान  रहने  दो करो  ना  अत्याचार  हम  गरीबों  पे बोल  तो  हम  भी  बहुत  सकते  है  पर  हमें  मोन  रहने  दो उठती  लोह  हमारे  भी  सीने  में जब  भाव  बढ़  जाते  आसमान  में हमें  ना  बनाओं  हैवान  हमें  किसान  ही  रहने  दो देख  रहे  सत्ता  की  बागडोर  ... Read More »

मेरी गुमनाम आशिक़ी

मेरी  धड़कन  की  आवाज आज  सुने  मेरे  अल्फाज जाने  क्या  सह  रहा  हूँ जाने  क्या  सोच  रहा  हूँ   धड़कन  में  हल-चल  सी  है उठ  रहा  कोई  उबाल  सा  है शांत  हो  जायेगी  धड़कन  मेरी हर  बार  आते  ऐसे  विचार  है   पुकार  रहा  किसी  बेवफा  को रोती  धड़कन  उसकी  वफ़ा  को चलता  है  फिर  रुक  जाता  है पता  नही  ... Read More »

मेरा सपना

  सब  गम  अपना  सबको  खुश  रखना    नही  चाहिये  माया  साथ  रहे  नाम  कमाया   रहे  बुजुर्गों  का  साया  मिले  एक  पेड़  की  छाया    सुकून  से  भरा  रास्ता  हो  मेरी  भगवान  मे  आस्था    मेरे  जैसे  हजारों  लिखने  वाले  बनाऊ  सब  रहे  यहाँ  और  मै  कही  गुम  हो  जाऊ    रो  रो  कर  सारी  थकान  उतार  दूँ  मै  ... Read More »

हमारी रोबो

  गुरुर  उसका  शरीर मेला  -कुचैला    सा  नीर   गमण्ड  उसका  श्रृंगार  सोच  उसकी  सरकार    अपनी  ही  वो  हर  दम  चलाती   खुद  काम  गलत  कर  मुझ  पर    चिल्लाती   सोच  उसकी  बहुत  विशाल  पर  रखती  ना  खुद  का  ख्याल   गुरुर  इतना  वो  करती जैसे  पूरा  जहाँ  उसकी  मुट्ठी    में  करती   अब  तो  वो  गमण्ड  में  है  ... Read More »

फासले

इन  मिलो  के  फासलों  को  कैसे  कम  करू हो  रही  है  शाम  खुशियों  की  इस  शाम  को  कैसे  खुश  करू ये  सारी  हवाएँ  आती  है  मेरी  ओर मै  किस  किस  हवा  से  सामना  करूदेखता  हूँ  मै  जब  तेरी  सूरत  को चला  जाता  हूँ  मै  मीलों  दूरसूरज  को  पकड़  ना  पाता  हूँ पर  चाँद  से  दूरी  कैसे  कम  करू छोड़  दिया  ... Read More »

हो तो सही

हम  पर  कोई  निसार  हो  तो  सही  I मोहब्बत  का  इज़हार  हो  तो  सही  I जां  लुटाना  चाहते  हैं  हम  इश्क  में, मगर  पहले  प्यार  हो  तो  सही  I मत  भी  ले  लो  बहुमत  भी  लो, नेता  इमानदार  हो  तो  सही  I जाऊँगा  हाल  पड़ौसी  का  पूछने, उसका  भी  बंटाधार  हो  तो  सही  I सात  पर्दों  में  कैद  कर  लिया, ... Read More »

इन्द्रधनुष के रंग सजाने तो दो

तुफानों  से  आँख  मिलाने  तो  दो  I गमे  दरिया  पार  हो  जाने  तो  दो  I फिर  करेंगे  बयां  हकीकत  तुम्हे, पहले  कोई  कहानी  बनाने  तो  दो  II संभलने  को  कहते  हो  तुम  सदा, पहले  हमें  ये  होश  गवाने  तो  दो  I शाखों  से  पत्तियां  तोड़  लूँ  कैसे, गुलशन  में  बहार  आने  तो  दो  II हुस्न  को  ज़रा  घबराने  तो  दो  ... Read More »

विदाई शिक्षा

Hindi poetry, lesson at daughther marriage -विदाई शिक्षा

छोड़  चली  बाबुल  का  घर  ओ  बहना कुछ  बातें  याद  तू  रखना तुझे  अब  पिया  घर  रहना बंध  चली  सात  फेरों  में  तेरी  जिंदगानी ख़ुशी  ख़ुशी  पिया  संग  रहना सास  ससुर  को  पिता  माँ  सा  देना  तू  सत्कार ननद  को  रखना  तू  दिल  के  पास हर  दम  पिया  कहे  चलना छोड़  चली  बाबुल  का  घर  ओ  बहना कुछ  बातें  तू  ... Read More »

Scroll To Top
badge