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Tuesday , 22 August 2017
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सिर्फ एक क्लिक से होगा सिलेक्शन, मिलेगा घर के पास ही प्रशिक्षण

अप्रैंटिस के लिए नहीं जाना होगा शहर से दूर, जल्द मिलेगा रोजगार
हर साल औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के विभिन्न संस्थानो से हजारो की संख्या में छात्र पास आऊट होते है। लेकिन सीमित साधनो की वजह से अधिकतर को अप्रैंटिस का लाभ नहीं पाता। लेकिन अब सभी पास आऊट छात्रो को स्थानीय स्तर पर ही औद्योगिक संस्थानो में प्रशिक्षण मिलें इसके लिए जोर आजमायश शुरु हो गई है। विभाग के अधिकारियो का दावा है कि अब आई.टी.आई. पास छात्रो को प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए अपने गृह जिले से दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस कदम से जहां एक ओर लाखो छात्रो को लाभ होगा वहीं दूसरी ओर औद्योगिक संस्थानो को भी अच्छे हुनर की कमी नहीं रहेगी।
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केंद्र सरकार का है प्रोजेक्ट
विभागीय अधिकारियो की माने तो केंद्र सरकार के स्कील इंडिया कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन स्कीम(नैप्स) के लिए आल इंडिया स्तर पर एक पोर्टल की स्थापना की गई है। जिसके लिए प्रदेश सरकार के औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार अप्रैंटिस के दौरान मिलने वाले स्टाईफंड में 70 प्रतिशत की हिस्सेदारी सरकार तो बाकी 30 प्रतिशत का वहन संबंधित औद्योगिक संस्थान को करना होगा।
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कहां कराना रजिस्ट्रेशन
स्कीम के तहत डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट अप्रैंटिसशिप डॉट जी ओ वी डॉट पर जाकर पास आऊट छात्र को अपना पंजीकरण करना होगा। इसके अतिरिक्त इस पोर्टल पर स्थानीय स्तर के साथ साथ देश व प्रदेश की सरकारी व निजी औद्योगिक कंपनीयां भी अपना पंजीकरण कराएंगी। ऐसे में जिस कंपनी को जिस तरह के प्रशिक्षुओ की जरूरत होगी उसी तरह की मेनपॉवर उन्हे पोर्टल के माध्यम से पूरी होगी। ऐसे में उन छात्रो को लाभ होगा जो स्थानीय स्तर पर तकनीकी व इंडस्ट्रियल क्षेत्र में काम करना चाहते है।
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सभी छात्रो को मिलेगा लाभ
आई.टी.आई. यमुनानगर के आकड़ो की बात करें तो प्रत्येक वर्ष 1700 से अधिक विद्यार्थी पास आऊट होते है। इनमें से मेधावी छात्रो की तो प्लेसमेंट हो जाती है लेकिन औसत और निम्र स्तरीय छात्र अप्रैटिंस तथा रोजगार में पिछड़ जाते थे। जानकारो की माने तो पोर्टल के माध्यम से इन छात्रो के अतिरिक्त पूर्व में पास आऊट छात्र भी अप्लाई कर, प्रशिक्षण प्राप्त कर पाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रो को रोजगार मिलने के अवसर बढ़ जाएंगे।
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विभाग का लक्ष्य
विभाग के अनुसार जिला में अप्रैंटिसो के लिए 762 सीटें है। इनमें से 364 सीटें भरी हुई है जबकि 398 सीटें खाली पड़ी हुई है। विभाग का लक्ष्य है कि हर माह कम से कम 200 प्रशिक्षुओ को साइट पर पंजीकरण कराया जाएं। वहीं औद्योगिक यूनिटो की बात करें तो जी.एम. डी.आई.सी. के अधीन 650 यूनिट पंजीकृत है। ऐसे में प्रत्येक माह लगभग 100 यूनिटो को उक्त पोर्टल पर पंजीकृत कराने का लक्ष्य रखा गया है।
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जिला स्तर पर बनाई गई कमेटी: प्राचार्य 
जिला आई.टी.आई. के प्राचार्य बलवंत सिंह ने बताया कि स्कीम के अंतर्गत एक वर्ष में पूरे भारत से 25 लाख प्रशिक्षुओ को जोडऩे की योजना है। स्कीम का लाभ मिलने में कोई परेशानी न हों इसके लिए जिला स्तर पर शिक्षुता कमेटी बनाई गई है। इसका मुख्य काम जिला के उद्यमियो को स्कीम के बारे में बताना होगा। इसके अतिरिक्त आई.टी.आई. पास छात्रो को अधिक से अधिक मात्रा में विभिन्न औद्यागिक प्रतिष्ठानो में शिक्षुक लगवाना व रोजगार दिलवाना होगा। कमेटी की पहली बैठक शुक्रवार को जिला सचिवालय में हुई। इसमें जिला के वरिष्ठ अधिकारियो के साथ साथ विभिन्न औद्यागिक संस्थानो व एसोसिएशनो से मुखिया ने भी भाग लिया।

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