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Tuesday , 14 August 2018
Breaking News

हो तो सही

हम  पर  कोई  निसार  हो  तो  सही  I
मोहब्बत  का  इज़हार  हो  तो  सही  I

जां  लुटाना  चाहते  हैं  हम  इश्क  में,
मगर  पहले  प्यार  हो  तो  सही  I

मत  भी  ले  लो  बहुमत  भी  लो,
नेता  इमानदार  हो  तो  सही  I

जाऊँगा  हाल  पड़ौसी  का  पूछने,
उसका  भी  बंटाधार  हो  तो  सही  I

सात  पर्दों  में  कैद  कर  लिया,
उनका  ज़रा  दीदार  हो  तो  सही  I

दे,  तो  फिर  लेकर  दिखा  दे,
एक  बार  उधार  हो  तो  सही  I

सब  इमानदार  हों  तो  बाँटू  लड्डू,
मेरा  सपना  साकार  हो  तो  सही  I

तस्वीर  बना  दूँ  बहते  पानी  में,
सामने  निराकार  हो  तो  सही  I

गले  लगा  लूँ  दुश्मन  को  भी
दोस्तों  में  शुमार  हो  तो  सही  I

खुशियाँ  समेटना  चाहता  हूँ  मैं,
गम  का  दरिया  पार  हो  तो  सही  I

आंधियां  उतावली  हैं  “चरन”
बागों  में  बहार  हो  तो  सही  I

 

Poet: Gurchan Mehta

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