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Wednesday , 14 November 2018
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क्रेडिटेक को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की ओर से मिला एनबीएफसी के रूप में काम करने का लाइसेंस

भारत के वित्तीय इतिहास में यह अपनी तरह का पहला लाइसेंस है

· मोटेतौर पर, वर्ष 2023 तक भारत में उपभोक्ता ऋण कारोबार का संभावित बाजार US$ 1 ट्रिलियन का होगा

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर, 2018 ­– मशीन-लर्निंग आधारित अंडरराइटिंग का उपयोग कर डिजिटल तरीके से उपभोक्ताओं को ऋण देने वाले अग्रणी समूह, क्रेडिटेक को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के रूप में काम करने का लाइसेंस प्राप्त हुआ है। भारत के वित्तीय उद्योग के इतिहास में पहली बार इस तरह के किसी भी व्यापार को यह लाइसेंस दिया गया है।

क्रेडिटेक का लक्ष्य, पूरी तरह से वैकल्पिक आंकड़ों के आधार पर व्यक्तियों की क्रेडिट योग्यता का आकलन करके उपभोक्ता ऋण बाजार में क्रांतिकारी परिवर्तन लाना है। नव अधिग्रहीत लाइसेंस के साथ, कंपनी अब भारतीय ग्राहकों को ऑनलाइन उपभोक्ता ऋण उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत के लिए क्रेडिटेक के उत्पादों का समुच्चय, अत्यधिक व्यक्तिगत प्रत्यक्ष उपभोक्ता ऋण के साथ-साथ विक्रेताओं के लिए सेवा के तौर पर ऋण समाधान प्रदान करेगा, जो भागीदारों को अपने ग्राहकों को अनुकूलित ऋण उत्पादों की पेशकश करने में सक्षम बनाता है।

श्री आशीष कोहली, एमडी एवं सीईओ, इंडिया ऑपरेशंस, कहते हैं कि, “इस लाइसेंस के साथ, हम भारत में ऋण प्रदान करने के एक नए युग में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस प्रमाणीकरण में हमारी मजबूत प्रणाली, प्रौद्योगिकी एवं ग्राहक शिकायत निवारण तंत्र को ध्यान में रखा गया है, जो हमें अपने प्रतिस्पर्धियों से पूरी तरह अलग बनाता है। इसके अलावा हम विनियामक प्राधिकरणों को भी तहे दिल से धन्यवाद देना चाहेंगे, जिन्होंने हमारे जैसे ऑनलाइन ऋणदाताओं के लिए विस्तृत नीति तैयार की, जो भारत में ग्राहकों के बीच ऑनलाइन ऋणप्रदान करनेके ढांचे को सुरक्षित बनाएगा, साथ ही इससे बाजार में केवल विचारशील एवं भरोसेमंद खिलाड़ियों की मौजूदगी सुनिश्चित होगी।”

वह आगे कहते हैं कि, “भारत में उपभोक्ता ऋण व्यवसाय को तकनीकी नवाचार के कारण बड़ी उथल-पुथल का सामना करना पड़ रहा है, जिसके अंतर्गत बिग डेटा पर आधारित रीयल-टाइम स्कोरिंग मॉडल और मशीन लर्निंग एल्गोरिदम शामिल हैं। “फिलहाल कई एनबीएफसी डिजिटल स्पेस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हालांकि, बाजार से हमारा संपर्क पूरी तरह अलग है क्योंकि हमारे व्यवसाय का मॉडल पूरी तरह से डिजिटल एंड-टू-एंड सॉल्यूशन पर आधारित है, जिसमें डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन की उत्पत्ति से लेकर संग्रहण तक के चरण शामिल हैं। हमारा ध्यान पूरी तरह से ग्राहकों पर केंद्रित होता है और यह सुनिश्चित करते हैं कि ग्राहकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए एवं प्रस्ताव उनके लिए फायदे का सौदा साबित हो।”

अप्रैल 2018 में श्री आशीष कोहली को एमडी एवं सीईओ के रूप में शामिल किया गया है और एशिया में क्रेडिटेक के व्यवसाय के प्रबंधन की जिम्मेदारी उनके ऊपर है। रिटेल फाइनेंसिंग के क्षेत्र में उन्हें 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है, और नियामक की भूमिका भी निभाएंगे।

क्रेडिटेक के सीईओ, श्री डेविड चान कहते हैं, “अगले पांच वर्षों की अवधि में राजस्व में करीब US$1 ट्रिलियन की संभावित क्षमता के साथ, निश्चित तौर

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