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Monday , 21 August 2017
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Maa Bolu To (माँ बोलूँ तो …)

Chandan Rathore Poem No.216माँ  बोलूँ  तो  आंसू  गिर  जाते  है तेरे  बिन  जी  लू  तो  भगवान  रूठ  जाते  है कैसा  ये  मनोरम  चेहरा  है  माँ अगर  कुछ  बोलूँ  तो  आंसू    गिर  जाते  माँ चिंता  में  हमेशा  मे  रहता सब  दर्द  तुम  क्यों  सह  लेती  हो  माँ आँचल  में  छुपालों  मुझको दुनियाँ  से  अब  डर  लगता  है  माँ रो  रो  कर  पुकारू  तुझको ना  चुप  हूँ  पाउ  माँ तेरी  सूरत  भोली  लागे  कैसे  मुझे  सम्भालू  माँ कुछ  बोलता  हु  तो,  आंसू  गिर  जाते  माँ कष्टों  से  तूने  निकला खुद  भूखी  रह  तूने  मुझे  है  पाला आंसू  बहा  रहा  हूँ  माँ तुझे  बुला  रहा  हूँ  माँ कुछ  बोलूँ  तो,  आंसू  गिर  जाते  माँ तेरी  याद  में  बरसों  बीते कई  राते  हम  भूखे  सोते अब  दर्द  किसे  सुनाऊ  माँ नींद  नही  आती  है  अब  तो अपने  हाथो  पे  सुला  दे  माँ कुछ  बोलूँ  तो  आँसू  गिर  जाते  माँ माँ  बिछड़ी  सब  बिछड़ा  मुझसे अब  किस  से  आश  लगाऊ  माँ माँ  कहते  कहते  प्राण  निकल  जाए बिन  तेरे  क्या  करू  इन  प्राणो  का  माँ भूख  बहुत  लगती  है  अब  तो अपने  हाथ  से  खिला  दे  माँ कुछ  बोलूँ  तो  आंसू  गिर  जाते  है  माँ By: Rathore Saab

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