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Saturday , 15 December 2018
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मेरा सपना

Chandan Rathore Poem No.171

 

सब  गम  अपना 
सबको  खुश  रखना 
 
नही  चाहिये  माया 
साथ  रहे  नाम  कमाया
 
रहे  बुजुर्गों  का  साया 
मिले  एक  पेड़  की  छाया 
 
सुकून  से  भरा  रास्ता 
हो  मेरी  भगवान  मे  आस्था 
 
मेरे  जैसे  हजारों  लिखने  वाले  बनाऊ 
सब  रहे  यहाँ  और  मै  कही  गुम  हो  जाऊ 
 
रो  रो  कर  सारी  थकान  उतार  दूँ 
मै  रहूँ  सब  के  दिल  में  ऐसी  कोई  कहानी  बनादूँ 
 
कानों  मै  मुझे  सुनाई  दे  मौत-ए-कहानी 
जिसे  सोच  लू  मेरी  मौत  -ए  -कहानी 
 
मेरे  मरने  पर  कोई  ना  रोयें 
  उस  समय  मेरे  पास  कोई  ना  सोयें 
 
दान  हो  शरीर  मेरा 
मिले  उसको  नया  चेहरा 
 
जन  -जन    के  कानों  में  मेरी  बात  हो 
सब  से  मेरी  एक  काश  मुलाकात  हो 
 
एक  छोटा  सा  आश्रम  सा  घर  हो 
उसमें  सभी  रानी  बेटियाँ  मेरे  संग  हो 
 
एक  शिक्षा  का  मंदिर  बनाऊँ 
जिस  पे  अपना  नाम  लिखाऊं 
 
निसहयों  के  लिए  मै  सहायक  बनूँ 
कुछ  भी  करू  हमेशा  उनके  संग  रहूँ 
 
मेरी  जीवनी  की  एक  चल  चित्र  बनाऊँ 
उससे    मेरे  एक  और  सपने  को  मंजिल  पाऊँ 
हर  दम    मुझसे  अच्छा  काम  हो 
बदनामी  ना  मेरे  साथ  हो 
 
माँ-पा  की  खुशियों  को  पूरा  करू 
हर  दम  उनके  पास  रह  कर  उनकी  सेवा  करू 
 
जीवन  में  हर  दम  दुःख  कठिनाई  रहे 
छल  कपट  करने  वाले  हर  दम    मेरे  साथ  रहे 
 
जिधर  से  भी  गुजरु  शान  से  सिर  ऊपर  हो 
मेरे  कामों  के  उदारहण  सभी  के  मुख  पे  हो 
 
लिखू  हमेशा  सब  के  मन  का 
सम्मान  करू  हर  शब्द  का 
 By: Rathore Saab

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