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Wednesday , 15 August 2018
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बच्चांे को तंबाकू से बचाने में पुलिस की अह्म भूमिका: पुलिस कमीश्नर

हरियाणा में 46.8 लाख स्मोकर, 28 हजार की सालाना मौत
 
116 बच्चे रोजाना शुरु करते है तम्बाकू उत्पादेां का सेवन 
 
पंचकूला, 02 अगस्त। पुलिस कमीश्नर चारु बाली ने कहा है कि प्रांरभिक अवस्था में ही बच्चों को तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों के सेवन से बचा लिया जाऐ तो वे शारीरिक व मानसिक रुप से स्वस्थ होंगे। हम सबको सामूहिक रुप से प्रयास करना हेाना चाहिए कि ऐसे उत्पादेां का सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान न हो व शिक्षण संस्थानों के आसपास इसकी बिक्री न हो। पुलिस कमीश्नर गुरुवार को पुलिस सभागार में हरियाणा पुलिस, संबंध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ), गुडगांव व फोर्टिस फाउंडेशन द्वारा कोटपा पर आयेाजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 
 
पुलिस कमीश्नर ने कहा कि तंबाकू उत्पादों में बढ़ते ग्लेमर के कारण बच्चे व युवा इसकी तरफ जल्दी आकर्षित हेा जाते है। पंचकूला पुलिस की और से बच्चों केा सशक्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान में भी इस प्रकार के उत्पादों के सेवन से बचाने के लिए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 (केाटपा) को भी शामिल किया गया है। इसके बारे में पुलिस अधिकारियेां को केाटपा कानून के बारे में जागरुक किया जा रहा है, ताकि वे अपने – अपने इलाकेंा में इसका प्रभावी रुप से क्रियान्वयन कर सकें।
 
उन्होने कहा कि खासतौर वर्तमान में युवा वर्ग को जो कि तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादेां का उपयोग किसी न किसी रुप में करते है जो कि इनके विकास में भी बाधक है। ये नशे शारीरिक व मानसिक रुप से बड़ा प्रभाव डालते है। इसलिए युवाओं को इससे दूर रहना चाहिए। इसके लिए उन्होने समस्त पुलिस अधिकारियों से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 (केाटपा) की गाइडलाइन का सभी पुलिसथानों में पालन करने को भी कहा गया है। 
उन्होने कहा कि वर्तमान में सबड़े बड़ा चैलेंज पेसिव स्मोकिंग है। पेसिव स्मोकिंग किस तरह से आपकी जिंदगी को प्रभावित करती है इस पर भी जानकारी दी। सभी को स्वस्थ वातावरण और स्वस्थ जीवन जीने का अधिकार है। इसलिए जो लेाग सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करतें है, उससे पर्यावरण दूषित हेाता है और जबकि नाॅन स्मोकर को भी स्वच्छ हवा लेने का संवैधानिक अधिकार है, इसलिए हम सभी का मौलिक कर्तव्य है कि उनके अधिकारों का हनन नही हो। इसके लिए सभी को मिलकर सामूहिक रुप से प्रयास करनें होंगे, तभी सभी को स्वच्छ वातावरण मिल पायेगा। सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट इत्यादि का सेवन करने से नाॅन स्मोकर को बहुत अधिक नुकसान होता है। तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पाादों की रोकथाम के लिए केाटपा का प्रभावी रुप से पालन होना जरुरी है। 
 
इस अवसर पर संबंध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ.सोमिल रस्तोगी ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में 23.6 फीसदी (46.8 लाख) लोग किसी न किसी रुप में तंबाकू उत्पादेां का उपभोग करते है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तंबाकू जनित रोगों से हर साल करीब 28 हजार लोगों की मौत हो जाती है। गंभीर चिंतन का विषय ये है कि इनमें से 10 फीसदी लोग वे हैं जो धूम्रपान नहीं करते हैं, लेकिन बीड़ी-सिगरेट पीने वाले के संपर्क में रहने के कारण रोगग्रस्त होकर मौत का शिकार हो जाते हैं।
 
हरियाणा में 46.8 लाख तंबाकू यूजर, 28 हजार की सालाना मौत
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा प्रदेश में करीब 46.8 लाख लोग किसी न किसी रूप में तम्बाकू का उपयोग करते हैं। इनमें से करीब 39 लाख लोग धु्रमपान करते हैं। तम्बाकू जनित पदार्थों के उपयोग से कैंसर सहित विभिन्न तरह की बीमारियों से ग्रसित होने के कारण प्रदेश में सालाना अनुमानित 28 हजार लोगों की मौत हो जाती है। वहीं, लगभग 116 बच्चे रोजाना तम्बाकू पदार्थों का सेवन शुरु करते हैं।
 
कोटपा एक्ट की धारा 4, 5, 6अ, 6ब, 7 व (किशोर न्याय अधिनियम) जेजे एक्ट के बारे में जानकारी दी। वंही पुलिस अधिकारियेां को बताया गया कि सार्वजनिक स्थानेां पर कोटपा एक्ट में की जाने वाली कार्यवाही का प्रभावी असर सामने आता है। इसलिए पुलिस के द्वारा इस कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्यवाही होनी चाहिए।
 
उन्होने बताया कि शिक्षण संस्थाअेां के आस पास एक सौ गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध है। इसलिए शिक्षण संस्थाअेंा के आस पास भी इसी अभियान के दौरान कार्यवाही की जायेगी। 
 
तंबाकू डीलर्स को दी जानकारी 
पुलिस व संबध हैल्थ फाउंडेशन(एसएचएफ) की टीम ने तंबाकू विक्रेताअेंा को कोटपा कानून की पालना करने की जानकारी दी। शिक्षण संस्थाअेां के आसपास तंबाकू पदार्थेां की बिक्र्री, बिना चेतावनी वाले उत्पाद की बिक्री न करने की सलाह दी। इन नियमों का पालन न करने पर कोटपा एक्ट में कार्यवाही करने का भी प्रावधान है। इसलिए तंबाकू उत्पादों की बिक्री से पहले केाटपा के बारे में सभी को जागरुक होना चाहिए, इसलिए इस तरह की कार्यशाला के माध्यम से उन्हे तकनीकी व तंबाकू के दुष्प्रभावों से उन्हे रुबरु करवाया जाता है। 
 
क्या है कोटपा अधिनियम
इस अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थान का तात्पर्य ऐसे किसी स्थान से है, जिसका सार्वजनिक उपयेाग होता है वंहा पर धूम्रपान निषेध एंव संवैधानिक चेतावनी।
अधिनियम 6 अ
समस्त तंबाकू विक्रय स्थलों पर नाबालिगों केा तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध व इसकी वैधानिक चेतावनी।
अधिनियम 6 ब
सभी शिक्षण संस्थाअेंा से 100गज की दूरी में तंबाकू उत्पादों की बिक्री निषेध।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डा.अंशु सिंघला, सहायक पुलिस कमीश्नर नुपूर, एसएचएफ हरियाणा कोर्डिनेटर के जमना प्रसाद गौतम सहित पंचकूला जिले के समस्त पुलिसथानाधिकारी इस दौरान उपस्थित रहे। 
फोटेा कैप्सन
1. पंचकूला में आयोजित कार्यशाला में पुलिस कमीश्नर अधिकारियेां को संबोधित करते हुए। 
2,3,4. इस दौरान जिले के समस्त पुलिसथानाधिकारी व अन्य।
5. पंचकूला में आयेाजित कार्यशाला के बाद समस्त तंबाकू विक्रेता केाटपा एक्ट की तकनीकी जानकारी लेते हुए।
 
 
 

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