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Friday , 2 December 2016
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सिविल अस्पताल की एमरजैंसी में लड़की से दुष्कर्म!

सी.सी.टी.वी. फुटेज से हो रही स्थिति साफ
यमुनानगर, 6 जुलाई 
महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित दावे उस समय खोखले नजर आते है जब सुरक्षित कहे जाने वाले सरकारी अस्पताल में भी किसी महिला के साथ कोई अस्पताल का ही कर्मचारी दुष्कर्म जैसी घटना को अंजाम देता है। मंगलवार आधी रात के बाद सिविल अस्पताल में एक ऐसी ही घटना घटी जिसने अस्पताल प्रशासन  की कार्य शैली पर सवालिया निशान लगा दिया है। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को पुलिस को एक लड़की जोकि मंद बुद्धि है मिली और उसे महिला पुलिस के माध्यम से सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया। पुलिस ने उसे बाद दोपहर अस्पताल में भर्ती करवाया और अस्पताल में उसका इलाज भी शुरू हो गया। रात के समय जब अस्पताल में चहल पहल कम होती है तो ऐसे में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विजय  के मन में इस महिला के प्रति वासना जागती है और यह इस महिला को इसके बेड से उठाकर अस्पताल के एक अन्य कमरे में लेकर जाता है। यह सारा मामला अस्पताल परिसर में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरे में कैद हो रहा है और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विजय  इस बात से बेखबर है। यह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने इस लड़की को उस कमरे में लेकर गया जहां आपात स्थिति में मरीजों को लाया जाता है। सी.सी.टी.वी. फुटेज से साफ दिखाई दे रहा है कि यह कर्मचारी इस लड़की को अंदर छोड़ बाहर आकर इधर उधर देखता है कि कहीं उसे कोई देख तो नही रहा और इसके बाद एक बार फिर वह उसी कमरे में जाता है जहां वह 2 से 3 मिनट रुकने के बाद एक बार फिर बाहर आता है तथा पहले की तरह ही इधर उधर देखता है और कुछ देर बात फिर अंदर जाता है। इस बार यह कर्मचारी करीब 15 मिनट तक अंदर रहता है और उसके बाद दबे पांव अपने कमरे की और चला जाता है। इस घटना के करीब 7 मिनट बाद लड़की कमरे से बाहर निकलती है और उसकी हालत उसके साथ हो रही घटना को भी ब्यान करती है। जिस समय यह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बाहर निकल रहा था उस समय वहां ड्यूटी पर तैनात दो स्टाफ नर्सों ने भी उसे निकलते हुए देखा। लड़की ने कमरे से बाहर निकलने के बाद ही अस्पताल परिसर में तोड़ फोड़ शुरू कर दी जिसे देखकर मौके पर तैनात स्टाफ नर्स के भी हाथ पांव फूल गए। उन्होंने इसकी सूचना रात को तैनात डाक्टर गौरव को दी और किसी तरह सभी ने मिलकर इस लड़की को शांत कर इसके बेड तक पहुंचाया। हालांकि लड़की ने इस बारे में कुछ भी नही कहा कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है या नही क्योंकि वह मंद बुद्धि है। डाक्टर गौरव ने तुरंत इसकी सूचना आर.एम.ओ. डा. कुलजीत को दी और कुलजीत ने एम.एस. के माध्यम से इसकी सूचना पुलिस को दी। इस घटना के बाद से ही यह लड़की हिंसात्मक हो गई और किसी तरह इसको दवाओं के सहारे शांत किया हुआ है। समाचार लिखे जाने न तो इस लड़की से कोई बातचीत हुई क्योंकि यह बातचीत करने की हालत में नही है। पुलिस ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को अपनी हिरासत में ले लिया है।
CCTV Footage
बाक्स
घटना के बाद पुलिस ने सी.सी.टी.वी. फुटेज खंगालना शुरू किया और इसकी रिकार्डिंग अपने कब्जे में ली। इसके अतिरिक्त सी.एम.ओ. डा. रमेश व चिकित्सा अधीक्षक डा. रीतु चौधरी ने भी सी.सी.टी.वी. फुटेज देखी और सारी घटना की जानकारी हासिल की। सी.सी.टी.वी. फुटेज देखने में भी डाक्टरों को काफी मेहनत करनी पड़ी क्योंकि कभी कैमरे में यह फुटेज चल रही थी तो कभी नहीं। आखिरकार किसी तरह ओपरेटर इस फुटेज को दिखाने में सफल हुआ। इन डाक्टरों का भी कहना था कि सी.सी.टी.वी. फुटेज से सब कुछ साफ है। सी.एम.ओ. डा. रमेश का कहना था कि अभी वे कुछ भी साफ कहने की स्थिति में नही है। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई और वे इस संबंध में अपने उच्च अधिकारियों से बात करेंगे और उसके बाद उनके दिशा निर्देश अनुसार ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
बाक्स
इस संबंध में मौके पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक मु यालय आदर्श दीप सिंह का कहना है कि डाक्टर की शिकायत के आधार पर महिला थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया है। उनका कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जो ाी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बाक्स
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विजय को करीब दो माह पहले ही ठेकेदार के माध्यम से अस्पताल में ड्यूटी पर रखा गया था। विजय का भी कहना है कि उसने कुछ ऐसा नही किया और उसे गलत फंसाया जा रहा है।

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