Follow my blog with Bloglovin
Sunday , 24 June 2018
Breaking News

मेरी ज़िंदगी का किस्सा नया है- शायरी

1) मेरी ज़िंदगी का किस्सा नया है,
शायद मेरे चश्मे का नंबर नया है।।
जो कहते हैं समंदर में पानी भरा है,
शायद उन के लिए तालाब नया है।।

2) वक़्त आँखों से जब नींदे चुरा लेता है,
दर्द आँखों में घरोंदा बना लेता है।
ज़ख्म यादों के सिरहाने बैठ जाता है ,
माँ की गोद तन्हाई को बना लेता है।।

3) मेरे ख्वाबों का अख्ज है तू,
मेरी रूह का ज़ख्म है तू,
कभी मुस्कान हुआ करती थी मैं,
आज मेरी हर दर्द भरी नज़्म है तू।।

 

Comments are closed.

Scroll To Top
badge