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Tuesday , 14 August 2018
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युवाअेंा को तंबाकू की आदत से बचाने में शिक्षकेंा की अह्म भूमिका

पलवल, 10 अगस्त। युवा वर्ग केा तंबाकू व अन्य धूम्रपान जैसे जहरीले उत्पादों की आदत से बचाने में शिक्षकेंा की महत्वपूर्ण भूमिका हेा सकती है। शिक्षक ही युवाअेां के भविष्य निमार्ण की पहली सीढ़ी है। यह बात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डा.कविता कंबोज और से संबंध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ), व फोर्टिस फाउंडेशन के तकनीकी सहयेाग से शुक्रवार को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान पर एडीआर सेंटर के सभागार में आयेाजित कार्यशाला में निकलकर सामने आई। इस कार्यशाला में जिलेभर के 60 सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकेंा ने भाग लिया।
कार्यशाला में संबंध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ.सोमिल रस्तोगी ने कहा  कि देशभर में कक्षा 8 से लेकर कक्षा 10 तक के 13 प्रतिशत विद्यार्थी तंबाकू पदार्थों का सेवन करते है, जो कि हम सभी के लिए बेहद चिंता का विषय है। इसके लिए हमें प्रांरभिक अवस्था में ही बच्चों को तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों के सेवन से बचाने के बेहतर प्रयास करने चाहिए। इसके लिए हम सबको सामूहिक रुप से प्रयास करना चाहिए कि ऐसे उत्पादेां का सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान न हो व शिक्षण संस्थानों के आसपास इसकी बिक्री न हो।
डा.रस्तौगी ने कहा कि खासतौर पर वर्तमान में युवा वर्ग को जो कि तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादेां का उपयोग किसी न किसी रुप में करते है जो कि इनके विकास में भी बाधक है। ये नशे शारीरिक व मानसिक रुप से बड़ा प्रभाव डालते है। इसलिए युवाओं को इससे दूर रहना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा प्रदेश में 23.6 फीसदी (46.8 लाख) लोग किसी न किसी रुप में तंबाकू उत्पादेां का उपभोग करते है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तंबाकू जनित रोगों से हर साल करीब 28 हजार लोगों की मौत हो जाती है। वहीं, लगभग 116 बच्चे रोजाना तम्बाकू पदार्थों का सेवन शुरु करते हैं। गंभीर चिंतन का विषय ये है कि इनमें से 10 फीसदी लोग वे हैं जो धूम्रपान नहीं करते हैं, लेकिन बीड़ी-सिगरेट पीने वाले के संपर्क में रहने के कारण रोगग्रस्त होकर मौत का शिकार हो जाते हैं।
उन्होने बताया कि कोटपा एक्ट की धारा 4, 5, 6अ, 6ब, 7 व (किशोर न्याय अधिनियम) जेजे एक्ट के बारे में भी जानकारी दी। 
 
उन्होने बताया कि शिक्षण संस्थाअेां के आस पास एक सौ गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध है। इसलिए शिक्षण संस्थाअेंा के आस पास भी इसी अभियान के दौरान कार्यवाही की जायेगी। 
 
इस दौरान सभी शिक्षकों को बताया गया कि इस अधिनियम के तहत शिक्षण संस्थाअेां के आसपास तंबाकू पदार्थेां की बिक्र्री, बिना चेतावनी वाले उत्पाद की बिक्री इत्यादि करना मना है। इनके पास केाटपा अधिनियम का पालन न करने पर इस एक्ट में कार्यवाही करने का भी प्रावधान है। 
 
कार्यशाला में शिक्षकेंा ने स्वंय तंबाकू न लेने व बच्चांे केा भी इससे बचाने का संकल्प लेते हुए शपथ ली। इन समस्त शिक्षकेां की और से 15 अगस्त के दिन समस्त स्कूलों में बच्चों, शिक्षकेंा व अन्य को भी तंबाकू न लेने व बच्चांे केा भी इससे बचाने का संकल्प दिलाया जायेगा।
 
क्या है कोटपा अधिनियम
इस अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थान का तात्पर्य ऐसे किसी स्थान से है, जिसका सार्वजनिक उपयेाग होता है वंहा पर धूम्रपान निषेध एंव संवैधानिक चेतावनी।
अधिनियम 6 अ
समस्त तंबाकू विक्रय स्थलों पर नाबालिगों केा तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध व इसकी वैधानिक चेतावनी।
अधिनियम 6 ब
सभी शिक्षण संस्थाअेंा से 100गज की दूरी में तंबाकू उत्पादों की बिक्री निषेध।
इस अवसर पर एसएचएफ हरियाणा कोर्डिनेटर के जमना प्रसाद गौतम, सक्षम युवा के सदस्य सहित पलवल जिले के शिक्षक, जिला विधिक प्राधिकरण के विनोद कुमार, कपिल अरोरा, राजीव कुमार इत्यादि भी उपस्थित रहे। 
फोटेा कैप्सन
1. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संबंध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ), व फोर्टिस फाउंडेशन के तकनीकी सहयेाग से तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान पर एडीआर सेंटर के सभागार में आयेाजित कार्यशाला में उपस्थित जिलेभर के शिक्षक।
2. इस दौरान तंबाकू सेवन न करने व बच्चों को तंबाकू न लेने की शपथ लेते हुए शिक्षक।

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